बनारस में ‘अग्निपथ’ के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा ने किया प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा मांगपत्र

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बनारस। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर विभिन्न किसान और मजदूर, व छात्र संगठनों के नेताओं ने आज संयुक्त किसान मोर्चा की अगुआई में भारतीय सेना की अग्निपथ भर्ती योजना के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। बनारस स्थित शास्त्री घाट पर पुलिस की घेराबंदी के बीच उन्होंने ‘अग्निपथ भर्ती योजना’ की अधिसूचना को तत्काल रद्द करने की मांग की। साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित विभिन्न मांगों वाला ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को सौंपा।

‘अग्निपथ’ के विरोध में प्रदर्शन करते विभिन्न संगठनों के लोग

अग्निपथ योजना को देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए संयुक्त किसान मोर्चा के वक्ताओं ने कहा कि अधिकतर सैनिक किसान परिवार से हैं। यह देश के लिए शर्म का विषय है की वन रैंक वन पेंशन के वादे के साथ पूर्व सैनिकों की रैली से अपना विजय अभियान शुरू करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब नो रैंक नो पेंशन की इस योजना को लाद दिया है।

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किसान आंदोलन के हाथों अपनी पराजय से तिलमिलाई हुई इस सरकार का किसानों से बदला उतारने का एक और हथकंडा है। संयुक्त किसान मोर्चा ने इस योजना का विरोध कर रहे सभी युवाओं से अपील की है कि वे इस आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से चलाते हुए मजदूर,किसान के साथ मजबूत संगठन व मोर्चा बनायें।

बनारस के शास्त्री घाट पर हुए विरोध-प्रदर्शन में प्रमुख रूप से जय किसान आंदोलन के राम जनम यादव, अखिल भारतीय किसान महासभा के कृपा वर्मा, भारतीय किसान यूनियन के कमलेश कुमार, लक्ष्मण प्रसाद मौर्य, कृष्ण कुमार मौर्य, किसान मजदूर परिषद के अफलातून देसाई, अखिल भारतीय किसान सभा के रामचंद्र शर्मा, पूर्वांचल बहुजन मोर्चा के अनूप श्रमिक, पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टी (PUCL) के पीके सिंह, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के छात्र शिवराज यादव, भगत सिंह छात्र मोर्चा (BCM) के नेता अनुपम कुमार, संदीप कुमार, पीएस-4 प्रमुख छेदी लाल निराला, रामजी प्रजापति आदि मौजूद रहे।

संगठन की प्रमुख मांगें

  • अग्निपथ योजना को तत्काल और पूरी तरह रद्द किया जाए। इस योजना के तहत भर्ती का नोटिफिकेशन वापस लिया जाए।
  • सेना में पिछली बकाया 1,25,000 वेकेंसी और इस वर्ष रिक्त होने वाले लगभग 60,000 पदों पर पहले की तरह नियमित भर्ती तत्काल शुरू की जाए।
  • किसी भर्ती के लिए आवेदकों से ऐसा हलफनामा लेने की शर्त न रखी जाए जो उन्हें लोकतांत्रिक प्रदर्शन के अधिकार से वंचित करती हो।
  • अग्निपथ विरोधी प्रदर्शनों में शामिल युवाओं के खिलाफ दर्ज सभी झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं।
  • गिरफ्तार देश भर के सभी युवाओं को रिहा किया जाय।

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