Tuesday, April 16, 2024
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शंभू बॉर्डर पर पुलिस की गोली से एक युवा किसान की मौत, राजनीतिक पार्टियों ने की घटना की निंदा

सरवन सिंह पंढेर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि खनौरी और शंभू बोर्डर पर सरकार ने बर्बरतापूर्वक आँसू गैस के गोले दागे। केंद्र सरकार के अर्द्ध सैनिक बालों ने पंजाब की सीमा में जबरिया घुसकर आंदोलनकारियों पर हमला किया। जिसमें युवा किसान शुभकारण सिंह की मौत हो गई। तीन लोग बुरी तरह घायल हो गए और अनेक युवाओं का कुछ पता नहीं चल रहा है, वे लापता हैं।

नयी दिल्ली। शंभू बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में कल तब अफरा तफरी मच गई, जब आंदोलनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आँसू गैस के गोले छोड़े गए और उसके बाद किसानों अर्द्ध सैनिक बाल की पुलिस ने उन पर गोली चलानी शुरू कर दी।

इस गोलीबारी में पंजाब के भटिंडा के बालोके गांव निवासी 22 वर्ष के युवा किसान शुभकरण सिंह की गोली लगने से मौत हो गई। और तीन किसान बुरी तरह से घायल हैं। बहुत से नौजवान लापता हैं। शुभकरण सिंह अपने घर का इकलौता बेटा और कमाने वाला था।

शुभकरण किसानों के साथ दिल्ली जाने के लिए किसान आंदोलन में शामिल होने आए थे।

किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि खनौरी और शंभू बोर्डर पर सरकार ने बर्बरतापूर्वक आँसू गैस के गोले दागे। केंद्र सरकार के अर्द्ध सैनिक बलों ने पंजाब की सीमा में जबरिया घुसकर आंदोलनकारियों पर हमला किया। जिसमें युवा किसान शुभकारण सिंह की मौत हो गई। तीन लोग बुरी तरह घायल हो  गए और अनेक युवाओं का कुछ पता नहीं चल रहा है, वे लापता हैं।

उन्होंने हरियाणा के एक बुजुर्ग किसान का हाथ-पैर तोड़कर बोर में भरकर खेत में फेंक दिया। इतनी क्रूरता के बाद उन्होंने किसानों के लगभग 25 ट्रेक्टर्स और ट्रॉलियों की तोड़-फोड़ करते हुए नुकसान पहुंचाया है।

इसके साथ ही पटियाला स्थित राजिंदर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक एचएस रेखी ने संवाददाताओं से कहा कि तीन लोगों को खनौरी सीमा बिंदु से अस्पताल लाया गया जिनमें से एक की मौत हो चुकी थी।

उन्होंने बताया कि मृतक के सिर पर चोट लगी थी जबकि अन्य दो लोगों की हालत स्थिर है।

13 फरवरी से संयुक्त किसान मोर्चा और अनेक किसान संगठनों द्वारा किसान एमएसपी की गारंटी और कुछ दूसरी मांगों के लिए आंदोलनरत हैं। किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी, किसानों के कर्ज की पूर्ण माफी, किसानों को पेंशन और प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ 2020-21 में मामले दर्ज किए गए मुकदमों की वापसी की मांग के लिए अपने अधिकारों का प्रयोग कर रहे हैं।

 13 फरवरी से 18 फरवरी तक सरकार और किसानों के बीच चार दौर की बातचीत हुई, जिसमें सरकार ने किसानों की मांग को अनसुना करते हुए बेनतीजा खत्म कार दिया। जबकि 2021 में तीन काले कृषि कानूनों को रद्द करने के बाद सरकार ने एमएसपी गारंटी देने का वादा किया था।

2021 के बाद किसानों ने जब यह देखा कि सरकार एमएसपी पर कोई कानून नहीं लाई और 2024 का चुनाव भी आ गया तब 13 फरवरी से कैसनों ने अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक आंदोलन शुरू किया।

 पूरे देश में इस कार्यवाही और युवा किसान की मौत को लेकेर मोदी सरकार की आलोचना हो रही है वहीं आने राजनैतिक पार्टियों के नेता भी इसकी घोर आलोचना कर रहे हैं।

 मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने बुधवार को पंजाब-हरियाणा सीमा पर खनौरी में हुई उस घटना की निंदा की जिसमें एक प्रदर्शनकारी किसान की मौत हो गई।

येचुरी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के तहत हरियाणा पुलिस की उस कार्रवाई की मैं निंदा करता हूं जिसमें युवा किसान प्रदर्शनकारी शुभकरण सिंह की मौत हो गई।’’

https://twitter.com/SitaramYechury

 

उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस द्वारा हमारे अन्नदाताओं के खिलाफ गोलीबारी का आदेश दिया जाना अस्वीकार्य है। शोकसंतप्त परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना।’

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को कहा कि वह पंजाब-हरियाणा सीमा पर एक युवा किसान की मौत से दुखी हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘हम पूरी तरह से शुभकरण के साथ हैं और उनके कातिलों को कड़ी सजा दिलवाएंगे।’

मान ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘पोस्टमॉर्टम के बाद मामला दर्ज किया जाएगा। किसान की मौत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।’’

पंजाब के मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि किसान अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रीय राजधानी क्यों नहीं जा सकते। उन्होंने कहा, ‘‘हरियाणा ने उन्हें क्यों रोका? वे शांतिपूर्ण तरीके से हरियाणा की सीमाओं पर पहुंचे, अगर हरियाणा सरकार ने उन्हें नहीं रोका होता, तो वे राष्ट्रीय राजधानी की ओर जा सकते थे, जहां वे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करते।’

मान ने कहा कि केंद्र उन्हें राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शन के लिए जगह दे सकता था।

भारत जोड़ों न्याय यात्रा कर रहे राहुल गांधी ने भी इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए एक्स पर लिखा,’खनौरी बॉर्डर पर युवा किसान शुभकरण सिंह की फायरिंग में मौत की खबर हृदयविदारक है, मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। पिछली बार 700 से अधिक किसानों का बलिदान लेकर ही माना था मोदी का अहंकार, अब वो फिर से उनकी जान का दुश्मन बन गया है।’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुभकरण की मौत पर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘पंजाब के नौजवान शुभकरण की मौत बेहद दुखदाई है। क्या इसी दिन के लिए हमने आजादी की लड़ाई लड़ी थी कि एक दिन अपने ही देश में हमारे द्वारा चुनी हुई सरकारें हमारे ही बेटों को अंग्रेजों की तरह शहीद कर देंगी?

मान ने कहा कि कानून व्यवस्था नियंत्रण में है। हालांकि उन्होंने खनौरी की घटना के संदर्भ में हरियाणा पुलिस पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाया।

केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार पर निशाना साधते हुए मान ने कहा कि किसानों की मांग को लेकर 22 जनवरी 2021 से मोदी सरकार क्या कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर तीन साल में उनसे बात की गई होती तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

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