Browsing Tag

kisan andolan

किसान मुद्दे पर बीएचयू के छात्र-छात्राओं से पुलिस की नोंक-झोंक

बीएचयू(वाराणसी): केन्द्र सरकार द्वारा किये गये वादाखिलाफी के विरोध में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा सोमवार के शाम लंका…
Read More...

संयुक्त किसान मोर्चा ने मनाया वादाखिलाफी प्रतिकार दिवस

पिंडरा तहसील पर संयुक्त किसान मोर्चा, वाराणसी ने वादाखिलाफी प्रतिकार दिवस मनाया। राष्ट्रपति को सभा का संबोधित ज्ञापन सौंपा। सभा को रामजनम,…
Read More...

पूर्वांचल किसान यूनियन के अध्यक्ष को पुलिस ने किया नजरबंद

वाराणसी: जन्सा थाना क्षेत्र के हरसोस गांव में रविवार की रात करीब नौ बजे पुलिस ने पूर्वांचल किसान के अध्यक्ष योगीराज सिंह पटेल को नजरबंद कर…
Read More...

नरेंद्र मोदी सरकार की सीनाजोरी और मुंहचोरी (डायरी 30 नवंबर, 2021)

संसद में बहस जरूरी है। बहस का महत्व इसलिए है क्योंकि बहस में निर्वाचित सदस्य जो कि जनप्रतिनिधि होते हैं और वे सदन के संज्ञान में लायी गयी…
Read More...

किसान आंदोलन के परिप्रेक्ष्य में विगत दशकों में चल रहे आंदोलन का एक सिलसिला

महाराष्‍ट्र में अभी किसान पदयात्रा की धमक खत्‍म भी नहीं हुई थी कि अहमदनगर से एक ऐसी ख़बर आई जिसने देश में किसान आंदोलन को तमाम विमर्शों के…
Read More...

फासिस्ट सत्ता को उखाड़ फेंकने के लिए छालों की परवाह नहीं

कृषि कानून प्रस्ताव को संसद में लाये हुए लगभग एक वर्ष होने को है। वहीं इस प्रस्ताव के खिलाफ भारत के किसानों की लड़ाई को भी एक वर्ष होने को…
Read More...

सियासत और समाज  ( डायरी 6 अक्टूबर, 2021)  

सियासत यानी राजनीति की कोई एक परिभाषा नहीं हो सकती है। साथ ही यह कि सत्ता पाने का मतलब केवल प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बनना नहीं होता…
Read More...

भारत के ब्राह्मणों से कम नहीं हैं पश्चिम के श्वेत (डायरी  5 अक्टूबर, 2021)  

बीता हुआ कल सिर्फ मेरे लिए ही नहीं, दुनिया भर के लोगों के लिए महत्वपूर्ण रहा। देर शाम करीब सवा नौ बजे सोशल मीडिया के तीन महत्वपूर्ण माध्यमों…
Read More...

अराजकता फैलती नहीं, फैलाई जाती है… (डायरी 4 अक्टूबर, 2021)

कल उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एक नरसंहार को अंजाम दिया गया। जैसी खबरें मुझे प्राप्त हुई हैं, उनके हिसाब से चार किसान और चार आरएसएस…
Read More...

आंदोलन नहीं, क्रांति कर रहे हैं भारतीय किसान डायरी (6 सितंबर,2021)

जाति व्यवस्था भारतीय समाज की कड़वी सच्चाई है और इसे कायम रखने में व्यापारी वर्ग के लोगों के साथ ही उच्च जातियों की बड़ी भूमिका है। ऐसा करने…
Read More...