मेरा प्रयास था कि बदलाव मौलिक हो और ऊपर से थोपा हुआ न हो

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जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता, लेखक और चिंतक विद्या भूषण रावत का जीवन विविध अनुभवों का खज़ाना है। उन्होंने समाज के हाशिये पर रहनेवाले लोगों के विकास के लिए काम किया। वे कहते हैं कि यदि सामाजिक कार्यकर्ता समाज के भीतर रहनेवाले मनुष्यों से सीखें तो वे बहुत मौलिक ढंग से काम कर सकेंगे। उनकी दिलचस्पी का दायरा बहुत व्यापक है। देश और दुनिया के तमाम हिस्सों की यात्रा करनेवाले विद्या भूषण रावत ने हिन्दी और अङ्ग्रेज़ी में लगातार लिखा है। इस बातचीत में रावत जी ने अपने विश्वदृष्टिकोण के विकास के साथ अपनी रुचियों और काम के दौरान हुये अनुभवों को साझा किया है।

 

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