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भ्रष्ट राजा और उसके भ्रष्ट भांट (डायरी 8 मई,2022)
मेरे गृह राज्य बिहार के राजा नीतीश कुमार अलग तरह का व्यक्तित्व रखते हैं। उन्हें भांट पसंद आते हैं। भांट मतलब वे लोग जो...
भारत के नाम पर बाइडेन की हंसी का निहितार्थ (डायरी 27 फरवरी, 2022)
भारतीय पत्रकार ललित झा ने बाइडेन से पूछा था कि भारत आपके महत्वपूर्ण सामरिक सहयोगी देशों में से एक है, तो क्या रूस के सवाल पर वह आपके साथ पूरी प्रतिबद्धता के साथ है? ललित झा के सवाल को पहली बार में या तो बाइडेन समझ नहीं पाए या फिर उन्हें लगा होगा कि भारतीय पत्रकार ने भूलवश ऐसा सवाल किया है। उन्होंने सवाल दुहराने काे कहा। ललित झा ने फिर वही सवाल दुहराया। बाइडेन ने बिना हंसते हुए कहा कि अभी तक तो भारत हमारा महत्वपूर्ण सामरिक सहयोगी नहीं बना है, वैसे इस मामले पर आज ही भारत से बात करता हूं। बाइडेन के इतना कहते ही सब हंस पड़े।
युद्ध और हम भारतीयों का अजीबोगरीब भोलापन (डायरी 25 फरवरी, 2022)
हम भारत के लोग बहुत ही भोले लोग हैं। भले होने की बात मैं नहीं कह सकता। दरअसल, हम भारत के लोग भोले लोग...
हंसी सबसे अच्छी दवा है: मुनव्वर फारूकी
स्टेंडअप कामेडियन मुनव्वर फारूकी बंगलौर में एक परोपकारी संस्था के लिए अपना शो करने वाले थे। पूरे टिकट बिक चुके थे। फिर आयोजकों को...
जी-20 का संकल्प और आंखिन-देखी सच्चाई (डायरी 1 नवंबर, 2021)
मेरा अपना अनुमान है कि अगले पचास साल में भारत में औसत तापमान में 4-5 डिग्री का इजाफा हो जाएगा। यह मुमकिन है कि...
पाकिस्तान के नाम से आरएसएस के भड़कने का निहितार्थ (डायरी 27 अक्टूबर, 2021)
सियासत की एक खासियत रही है कि इसने अपने मकसद में कभी बदलाव नहीं किया है। हालांकि सियासत ने अपने रूप जरूर बदले हैं।...
मस्जिद में लगेगी आग तो मंदिर भी नहीं बचेंगे (डायरी 20 अक्टूबर, 2021)
जिन दिनों भारत ने वैश्वीकरण की नीति को अपना समर्थन दिया था और जब मेरे गांव-शहर में दीवारों पर डंकल प्रस्ताव के खिलाफ नारे...
फर्क केवल नजरिया का नहीं, नीयत का भी है (डायरी 18 अक्टूबर, 2021)
कल का दिन बहुत खास रहा। मन बहुत रोमांचित था। इसकी वजह भी बहुत खास थी। दरअसल कल दो रूसी फिल्म कलाकारों और एक...
आयुष्मान कैसे भव ?
अमेरिका स्वास्थ पर एक साल में अपने लोगों पर 3 लाख 38 हज़ार करोड़ डॉलर=2करोड़ 44 लाख 19हज़ार करोड़ रुपये खर्च करता है और...
आज ख़ामोश हो गई महिलाओं की मुखर आवाज़
कई महिलाओं की मुखर आवाज़ बनने वाली आज खामोश हो गई है। महिला वर्ग की विभिन्न लड़ाई लड़ने वाली जानी-मानी सामाजिक कर्याकर्ता कमला भसीन...
उफ्फ! एक दशक बाद अब आसाम में एक और भजनपुरा डायरी (24 सितंबर 2021)
बाजदफा यह सोचता हूं कि क्या किसी एक मुल्क में एक ही मजहब को मानने वाले लोग हो सकते हैं? यदि हां तो क्या...
तेल की राजनीति, तालिबान और इस्लामोफोबिया का भारत पर प्रभाव
अफगानिस्तान से अमरीकी सेना की वापसी के नतीजे में तालिबान वहां सत्ता में आ गए हैं। अफगानिस्तान का घटनाक्रम चिंता पैदा करने वाला है।...
यह महज अफगानिस्तान का मसला नहीं है, डायरी (1 सितंबर, 2021)
मुझे सपनों को दर्ज करने की आदत रही है। वैसे तो रात में अनेक सपने आते हैं (कभी कभी नहीं भी आते हैं)। अधिकांश...
हमारा लक्ष्य – (लघु नाटक)
( आज 6 अगस्त है, आज से 76 वर्ष पहले दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान अमेरिका ने जापान पर परमाणु बम गिराया. कभी न भुलाए...

