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किसान आंदोलन पर किताब लिखने वाले पत्रकार का ट्विटर बैन, पिछले आंदोलन में हुई थी जेल

पिछले किसान आंदोलन में रिपोर्ट करने के लिए जिस इकलौते पत्रकार मनदीप पुनिया को जेल हुई, उसी का ट्विटर अकाउंट आज सरकार ने बंद कर दिया। हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर हो रहे किसानों के दमन को रिपोर्ट करने की सजा अब पत्रकारों को मिलने लगी है

दिल्‍ली। चार साल पहले शुरू हुए किसान आंदोलन के पहले दिन से लगातार अब तक आंदोलन की कवरेज कर रहे हरियाणा के पत्रकार मनदीप पुनिया का निजी और उनके चैनल ‘गांव सवेरा’ का ट्विटर खाता सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया है। पिछली बार मनदीप के ऊपर किसान आंदोलन के दौरान एफआइआर हुई थी और उन्‍हें तिहाड़ जेल में दो दिन रहना पड़ा था।

इस बार के किसान आंदोलन में सरकार ने पहले दिन से ही एहतियातन किसान नेताओं के सोशल मीडिया खाते बंद करने शुरू कर दिए थे। दो दिन पहले चंडीगढ़ में किसान नेताओं की सरकार से इसीलिए बातचीत टूट गई थी क्‍योंकि बातचीत के बीच में ही चार किसान नेताओं के ट्विटर हैंडिल बंद कर दिए गए थे। तब किसानों ने कहा था कि बातचीत और दमन एक साथ नहीं चल सकता। इसके बावजूद किसान नेताओं के हैंडिल बंद करना जारी है। इस सिलसिले में पत्रकार पर यह पहला हमला हुआ है।  



पिछली बार के आंदोलन में भी सरकार ने यह हथकंडा अपनाने की कोशिश की थी, हालांकि वह देर से थी। 2021 में एफआइआर और जेल के बाद मनदीप पुनिया का चैनल सरकार द्वारा बंद कर दिया गया था। उसके बाद उन्‍होंने अपनी रिपोर्टिंग के आधार पर किसान आंदोलन पर एक विस्‍तृत किताब लिखी जिसका नाम था ‘किसान आंदोलन ग्राउंड जीरो: 2020-21’, जिसे राजकमल प्रकाशन ने छापा।

किताब के बाद मनदीप ने एक बार फिर बड़ी मेहनत से अपना चैनल खड़ा किया और लगातार खेती-किसानी पर रिपोर्ट करते रहे। इस बीच उन्‍हें काफी धमकियां मिलीं और कई बार उनके सोशल मीडिया खातों से छेड़छाड़ की गई।

इस बार जब किसान पंजाब से चले, तो मनदीप पहले ही दिन से उनके साथ चलते हुए आंदोलन को कवर कर रहे थे। पिछली रात जब शंभू बॉर्डर पर किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए तो उन्‍होंने सीधा प्रसारण किया। एक लंबे वीडियो में उन्‍होंने यह भी समझाया है कि इस बार का किसान आंदोलन पहले वाले आंदोलन से अलग कैसे है और कौन-कौन से नेता इसमें क्‍यों हैं और क्‍यों नहीं। यह वीडियो उन्‍होंने आज ही रिलीज किया है।

इसके बाद ही दोपहर में उन्‍होंने ‘गांव के लोग’ को सूचना दी कि उनका ट्विटर हैंडिल और उनके चैनल ‘गांव सवेरा’ का ट्विटर हैंडिल सरकार ने बंद कर दिया है। फिलहाल उनका निजी यूट्यूब चैनल चल रहा है। पत्रकारों पर हमले के विरुद्ध कमेटी (सीएएजे) ने इस मामले पर अपनी तरफ से ट्वीट करते हुए उसे प्रेस क्‍लब ऑफ इंडिया, एडिटर्स गिल्‍ड आदि के संज्ञान में लाने का प्रयास किया है। सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर लोग लगातार ट्वीट कर रहे हैं।

गाँव के लोग
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