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#Gandhi

जम्मू-कश्मीर के दलित-बहुजनों की फिक्र, डायरी (3 जून, 2022) 

निष्पक्षता मुमकिन नहीं है। अब तक यही मानता आया हूं। बहुत हुआ तो कोई आदमी बहुत हद तक निरपेक्ष बने रहने की कोशिशें कर सकता है। यह…
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 आरएसएस का नया नॅरेटिव  (डायरी 27 अप्रैल, 2022)

सियासत कोई ऐसा पेशा नहीं है, जिसे ना किया जाय। यह बात इसके बावजूद कि सियासत से सत्ता में हिस्सेदारी मिलती है और बाजदफा सत्ता हासिल करनेवाला…
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फैज़ की रचनाओं से तानाशाह का डरना लाज़िम है (डायरी 24 अप्रैल, 2022)

बीती रात राजस्थान की राजधानी जयपुर आया। यहाँ की यह मेरी पहली यात्रा है। इस यात्रा में जाे कुछ हासिल हो रहा है, वह तो विस्तार से…
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इब्न-ए-गांधी हुआ करे कोई, डायरी (22 अप्रैल, 2022)

बात वैसे तो बहुत मामूली है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन भारत के दो दिवसीय दौरे पर हैं। हाल के वर्षों में एक नया ट्रेंड चला है कि दूसरे…
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गांधी-आंबेडकर की जीत और आरएसएस की हार (डायरी 15 फरवरी, 2022)

भारतीय समाज का वह तबका कौन है जो हिंसा में सबसे अधिक विश्वास रखता है? यह सवाल बेवजह का सवाल नहीं है। इस सवाल का जवाब तलाशना हालांकि बहुत…
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झूठ का पुलिंदा है वाय आई किल्ड गांधी

हाल में रिलीज हुई फिल्म वाय आई किल्ड गांधी महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का महिमामंडन करने का प्रयास है। इस फिल्म की एक क्लिप, जो…
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भारत में सामाजिक अन्याय को ऐसे भी समझिए (डायरी 8 फरवरी, 2022)

सामाजिक अन्याय का कोई एक रूप नहीं होता और इसे अंजाम देनेवालों का पैंतरा भी कमाल का होता है।सबसे दिलचस्प यह कि अपना वर्चस्व कायम रखनेवाले…
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जूम करके देखिए गांधीवाद और गोडसेवाद (डायरी 30 जनवरी, 2022)

आज फिर 30 जनवरी है। यह मौका है भारत में भगवा आतंकियों के सबसे पहली कार्रवाई को याद करने का। वही आतंकी कार्रवाई, जिसमें नाथूराम गोडसे नामक एक…
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नेहरू और सुभाष के बीच पत्र व्यवहार

पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा संपादित एक ग्रंथ है जिसमें उन्हें संबोधित अनेक पत्र प्रकाशित किए गए हैं। इन पत्रों का चयन स्वयं श्री जवाहरलाल…
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क्या अब हिंदुत्व की हिमायती फासीवादी ताकतें अपना ध्यान सांप्रदायिकता से अछूते प्रदेशों पर केंद्रित…

धर्म संसद के नाम पर समाज में हिंसा का जहर घोलने की सुनियोजित कोशिशें धीरे-धीरे अपना असर दिखाने लगी हैं। हिंसा को स्वीकार्य बनाकर महिमामण्डित…
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