TAG
pm modi
झारखंड : क्यों बिरसा की धरती पर ‘बिरसाइत’ जी रहे मुश्किलों भरी जिंदगी?
उलगुलान के महानायक बिरसा मुंडा करोड़ों आदिवासियों के लिए गौरव और गुमान के प्रतीक हैं। साथ ही उनका बलिदान आदिवासियों के सपनों की बुनियाद के साथ सियासत की धुरी भी है। लेकिन बिरसा की धरती पर ही उनके अनुयायी ‘बिरसाइत’ परिवारों की जिंदगी मुश्किलों में गुजर रही। विकास का पहिया इनके गांवों में पहुंचने से पहले क्यों ठहर जाता है, पड़ताल करती एक रिपोर्ट..
किसान आंदोलन : संयुक्त किसान मोर्चा ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
चिट्ठी में एसकेएम ने सी2+50 (पूंजी की इनपुट लागत+50%) के स्वामीनाथन फार्मूले के आधार पर सभी फसलों के लिए एमएसपी, खरीद की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी, बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं और स्मार्ट मीटर नहीं लगाने सहित अपनी मांगों का जिक्र किया है।
पश्चिम बंगाल : सात दिन के अंदर बकाया भुगतान न करने पर ममता ने पीएम को दिया अल्टीमेटम
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने शुक्रवार को केंद्र को सभी बकाया राशि का भुगतान करने के...
अयोध्या में ‘प्राण प्रतिष्ठा’ प्रधानमंत्री और आरएसएस का निजी कार्यक्रम : राहुल गांधी
कोहिमा (भाषा)। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि अयोध्या में 22 जनवरी के 'प्राण प्रतिष्ठा' कार्यक्रम को 'राजनीतिक...
उप्र में जब-जब मोदी-योगी का आगमन होता है, स्ट्रीट वेंडरों की फजीहत तय है – संदीप पाण्डेय
2014 में भारत सरकार ने, जब डॉ. मनमोहन सिंह प्रधान मंत्री थ, पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण व पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम बनाया। इसमें व्यवस्था...
पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के राजातालाब में अमीरों की शान के लिए उजाड़ दिए गए गरीब मज़लूम
वाराणसी। बढ़ती बेरोज़गारी के बावजूद राजातालाब के ठेला-पटरी व्यवसायियों को उजाड़ा जा रहा हैं। राजमार्ग के ओवरब्रिज के नीचे और दोनों किनारे दुकानें लगाकर...
मैं अपना मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और अर्जुन अवार्ड वापस कर रही हूँ : विनेश फोगाट
नई दिल्ली। महिला पहलवान विनेश फोगाट ने भी अपना खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड लौटा दिया है। सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर उन्होंने यह जानकारी...
बहुजन आर्थिक स्वतन्त्रता का नया प्रवेशद्वार, बिहार में नौकरी की बहार
3 अगस्त, 2023 को एक अखबार में ‘बिहार में महागठबंन सरकार का बड़ा दाँव :चुनाव से पहले 1.78 लाख टीचर्स भर्ती की तैयारी, जल्द...
सोने का हिरन दिखा साधू वेश में ठगी की एक और अदा है महिला आरक्षण
बिना किसी एजेंडे के रहस्यमयी तरीके से बुलाया गया संसद का विशेष सत्र संसद और विधायिकाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का उतना...
मालेगाँव बम विस्फोट के पीछे के ‘मोटिव’ को पुलिस ने क्यों नज़रअंदाज़ किया
आजकल पुलवामा हमले को लेकर सतपाल मलिक तथा मेरे अजिज मित्र फिरोज मिठीबोरवाला ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने की शुरुआत की है। मेरा मानना है कि भारत के ज्यादातर आतंकवाद की घटनाओं को सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने के लिए अंजाम दिया गया है, जिसकी स्वतंत्र रूप से जांच होनी चाहिए। और यह मांग मैं मेरे हर बार जांच रिपोर्ट के अंत में एक पैराग्राफ़ लिखकर की है
बीएचयू हॉस्टल आवंटन और बीबीएयू पीएचडी में ओबीसी कोटा क्यों नहीं?
लखनऊ। कहने को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान पिछड़ी जाति के हैं, फिर भी पिछड़ी जातियों के साथ उच्च...
महाराष्ट्र में कथित गौ तस्करी के आरोप में पीट-पीट कर एक व्यक्ति की हत्या
महाराष्ट्र। नासिक में कार से गौमांस ले जाने के संदेह पर कथित गौरक्षकों ने एक व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या कर दी। खबर के...
प्रधानमंत्री की चुप्पी के कानफाड़ू बोल!
इसमें शायद ही किसी को सचमुच हैरानी होगी कि ओलंपिक स्तर के खिलाड़ियों के, भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष और भाजपा सांसद, ब्रजभूषण शरण...
राहुल गांधी के भाषण में दर्द, चिंता और कटाक्ष
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के द्वारा 2 फरवरी बुधवार को संसद के बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर दिया गया...
गांधी और आज उनके हत्यारे(डायरी 31 जनवरी, 2022)
कल राजघाट गया था। दिल्ली में रहते हुए 30 जनवरी को राजघाट जाकर महामानव गांधी को श्रद्धांजलि देने का यह पहला मौका था। वहां...
पत्रकारिता, देश और नौजवान (डायरी 28 जनवरी, 2022)
आज का दिन भी बहुत खास है। दिल्ली से प्रकाशित जनसत्ता के पहले पृष्ठ पर एक तस्वीर है। इस तस्वीर में वैसे तो देश...
क्या मोदी के नए भारत के निर्माण का सपना कांग्रेस नेताओं के बगैर अधूरा है ?
उत्तर प्रदेश के दिग्गज कांग्रेसी नेता आरपीएन सिंह के भाजपा में शामिल होने के बाद, एक बार फिर से राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस मुक्त...
विषमतम दौर में भारत और भारतीय संविधान (डायरी 27 जनवरी, 2022)
कल भारत में जनतंत्र दिवस दिवस मनाया गया। कायदा तो यह होना चाहिए था कि इस मौके पर भारतीय संविधान को याद किया जाता...
अगर रामनाथ कोविंद दलित के बजाय ब्राह्मण होते! डायरी (26 जनवरी, 2022)
जाति कभी नहीं जाती। अक्सर यह बात सुनता हूं और कभी--कभार तो मैं भी लिख देता हूं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि...
नफरत के दौर में सद्भाव की बात
पिछले माह मन को विचलित करने वाली अनेक घटनाएं हुईं। ये घटनाएं हिंसा और स्त्रियों के प्रति द्वेष को बढ़ावा देने वाली, मुस्लिम महिलाओं...

