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Gaon Ke Log
मन की आँखें
वह जनवरी 2018 का कोई दिन था जब हम चार साथी यानी अंगनूराम, शशांक, कृष्ण ठाकुर और मैं, कार्यालय में लंच करने के बाद...
एक नयी और दिलचस्प टकराहट (डायरी, 23 दिसंबर 2021)
मैं एक बात सोच रहा हूं देश के संसद के बारे में। मेरी जेहन में राष्ट्रीय गीत की बातें हैं। दरअसल कल संसद का...
बालिकाओं का दो दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न
सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट के तत्वावधान बालिकाओं की आत्मरक्षा के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन भंदहा कला प्रशिक्षण केंद्र पर किया गया।...
लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि मनाई
वाराणसी। जंसा में 15 दिसम्बर 2021 को पूर्वांचल किसान यूनियन के तत्वावधान में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण...
आज़ाद भारत से भूमंडलीकरण तक हर बदलाव चंद्रकिशोर जायसवाल के लेखन में दिखता है-2
दूसरा और अंतिम भाग
सांप्रदायिक दंगों की विभीषिका पर केन्द्रित चन्द्रकिशोर जायसवाल के उपन्यास शीर्षक में भी सामाजिक मूल्यों में आ रहे परिवर्तनों और...
खेती, किसानी और हमारा रोमांस (डायरी,10 दिसंबर 2021)
कई सारी बातें ऐसी होती हैं, जिनके कारण हर दिन खास ही होता है। धूप-छांव जैसी जिंदगी ऐसे ही चलती रहती है और हम...
सूपवा ब्यंग कसे तो कसे, चलनियों कसे, जिसमें बहत्तर छेद
मैं चार दिसंबर को महानगरी से स्लीपर क्लास में मुम्बई आ रहा था। हमारे सीट के पास एक परिवार सफर कर रहा था। वे...
श्रमिकों को ई-श्रमिक कार्ड बनाने के लिए किया गया जागरूक
रोहनिया-क्षेत्र के विभिन्न लेबर अड्डे पर वर्किंग पीपुल चार्टर (डब्लूपीसी) के प्रतिनिधि मंडल ने दौरा किया। प्रतिनिधि मंडल ने कामगारों से मुलाक़ात कर उनकी...
किसानों और किसान आंदोलनों के प्रतिरोध को दर्ज़ करता बॉलीवुड सिनेमा
आंदोलन बड़ी संख्या में लोगों द्वारा समान उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए किये जाने वाला कार्य है। किसान आंदोलनों के कारण पिछले साल भर...
जइसे कोंहारे क अउवाँ भभकि भभकि जरे हो ए बेटा तइसहीं माई क करेजवा भभकि जरे हो ……
छित्तूपुर गाँव स्थित कुशवाहा भवन में चल रहे बनारस पुस्तक मेले में प्रतिदिन कोई न कोई साहित्यिक और सांस्कृतिक आयोजन हो रहा है। मेले...
हमें न गाँधी का राम चाहिए न आर एस एस का राम चाहिए!
जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता विद्या भूषण रावत का विकास तर्कवादी विचारकों-लेखकों के सान्निध्य में हुआ। वे जीवन और समाज की हर चीज को संशय और...
‘जनसत्ता’ का ‘राजसत्ता’ बन जाना (डायरी, 18 नवंबर 2021)
बौद्धिक लेखन में किसी को क्रेडिट देना महत्वपूर्ण माना जाता है। मेरे हिसाब से यह दिया भी जाना चाहिए और ना केवल लेखन में...
कालनदी को पार करते हुए – भाग एक
वामपंथी आन्दोलन के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर और प्रसिद्ध कवि बाबा शिवमंगल सिद्धान्तकर के जीवन और कृतित्व पर आधारित एक वृत्तचित्र।https://youtu.be/UQ88CIv6QeA
सीढ़ियों पर बैठी वह लड़की …. (भाग – एक)
अपनी ज़िन्दगी के नब्बे साल पूरे करके 1981 में मेरी माँ ने इस दुनिया से विदा ली थी। आज अगर वे ज़िन्दा होतीं तो...
राष्ट्रीयता के मसले को आम जनता को उत्तेजित करने के षड्यंत्र की तरह देखा जाना चाहिए
तीसरा और आखिरी हिस्सा
आप तेलुगु के प्राध्यापक भी रहे हैं। लगातार जेल आने-जाने से क्या आपकी सरकारी सेवा सुरक्षित रही?
मैं वरंगल के एक...
वाराणसी : सत्ता की मनमानी के खिलाफ पीड़ित मुसहरों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी के करसड़ा गाँव में मुसहरों को बेदखल कर बुलडोजर चला दिया गया। उनके घर खाक में मिल गए और अब वे सड़क पर हैं।
नाम के साथ शूद्र जोड़ने का तात्पर्य सामाजिक एकता को मजबूत करना है
सामाजिक परिवर्तन के प्रखर सिपाही लाल प्रताप यादव ओबीसी जातियों की धार्मिक और आध्यात्मिक मुक्ति के लिए सतत संघर्षरत हैं । प्रस्तुत बातचीत में...
तमाम दावों के बीच स्त्रियों के सामने बढ़ती हुई चुनौतियाँ
भारतीय संस्कृति में स्त्रियों के गौरव के लिए कहा गया है, यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः। यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः। अर्थात् जहाँ...
अपनी रीढ़ मजबूत करें प्रकाश झा (डायरी 26 अक्टूबर 2021)
अभिव्यक्ति के अधिकार को संविधान में मौलिक अधिकारों में रखा गया है। इस अधिकार के कारण ही देश में साहित्य, मीडिया, थियेटर व सिनेमा...
दूर-दूर से लाई गई किराये की भीड़ और बनारस के लोग नज़रबंद किये गए
चुनाव का प्रचार एवं रैली कितनी आवश्यक है इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली के...

