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#Periyar

अदालतों में कहानियां लिखी नहीं, गढ़ी जाती हैं (डायरी 20 मई, 2022) 

कहानियाें का लेखन सुंदर काम है। यह कहानियां लिखनेवाला ही समझ सकता है। परकाया प्रवेश के जैसा होता है बाजदफा यह। मतलब यह कि जो आप नहीं हैं, आप…
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आदमी अब सामाजिक नहीं, आर्थिक प्राणी है(डायरी, 24 दिसंबर 2021) 

अक्सर यह सवाल खुद से पूछता हूं कि मुझे कैसा समाज चाहिए और जैसा समाज चाहिए उसके लिए मैं क्या कर रहा हूं। कई बार तो मैं अपने ही सवाल को अपने…
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बुद्ध के सन्देश को उनकी भूमि पर जन-जन तक पहुंचाने वाला एक महास्थविर 

कुशीनगर और बौद्ध समुदाय मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर के प्रमुख भिक्षु  भदंत ज्ञानेश्वर महास्थिविर  का  85 वाँ जन्म दिन 10 नवम्बर को बेहद…
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दलित भी विविधताओं से भरे समाज, राष्ट्र और ग्लोबल विलेज का नागरिक है

ईश कुमार गंगानिया पिछले बीस वर्षों से अम्बेडकरवादी साहित्य सृजन में लगे हैं। गंगानिया अम्बेडकरवादी पत्रिका अपेक्षा के उप सम्पादक रहे और बाद…
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सियासत और समाज  ( डायरी 6 अक्टूबर, 2021)  

सियासत यानी राजनीति की कोई एक परिभाषा नहीं हो सकती है। साथ ही यह कि सत्ता पाने का मतलब केवल प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बनना नहीं होता…
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एमके स्टालिन : बहुजनों के मोदी !

हाल के दिनों में तमिलनाडु के स्टालिन सरकार से जुड़ी कोई भी खबर फेसबुक पर लोगों को खूब आकर्षित कर रही है। इसी क्रम में 22 सितम्बर को फेसबुक पर…
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क्षमा कीजिये। हिन्दुत्व को प्रचलन में रखकर आप कोई भी स्थायी परिवर्तन नहीं ला सकते

सन 1927 में गांधी और पेरियार ई वी रामसामी नायकर के बीच एक बातचीत इस संदर्भ में बहुत दिलचस्प है। पेरियार ने हिन्दुत्व को पूरी तरह खारिज किया…
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