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प्रधानमंत्री हैदराबाद में एक तीर से कई निशाने लगा आये
अट्ठारह बरस बाद भाजपा ने अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हैदराबाद में की, जिसमें भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहाँ पहुँचे। हैदराबाद...
देखिये कि आप खड़े कहाँ हैं !
मानव सभ्यता के इतिहास का अध्ययन ये बताता है कि हानि-लाभ के तमाम गुणा-गणित के बावजूद मनुष्य लगातार बेहतर हुआ है, उसने प्रकृति के...
एक ताकतवर सरकार आखिर किससे डरती है?
ज़किया जाफ़री बनाम गुजरात राज्य मामले में हाल में अपना फैसला सुनाते हुए उच्चतम न्यायालय ने ज़किया जाफ़री की याचिका ख़ारिज कर दी। ज़किया...
महाराष्ट्र में भाजपा की जीत की कही-अनकही कहानी (डायरी,30 जून, 2022)
कल का दिन सियासत के लिहाज से यादगार दिन रहा। वैसे यह मेरे एक व्यक्तिगत कारण से भी महत्वपूर्ण था, लेकिन सियासती कारण अधिक...
सुप्रीम कोर्ट बताए जले घर की परिभाषा (डायरी, 28 जून, 2022)
आज फिर यह सवाल मेरी जेहन में है कि आखिर क्या कारण है कि अगस्त, 2012 के बाद से लेकर आजतक बाथे, बथानी टोला...
जिन्होंने पिछड़ों के लिए कुर्सी गँवाई पिछड़े ही उन्हें कभी याद नहीं करते!
व्यक्तिगत तौर पर विश्वनाथ प्रताप सिंह बेहद निर्मल स्वभाव के थे और प्रधानमंत्री के रूप में उनकी छवि एक मजबूत और सामाजिक, राजनैतिक दूरदर्शी...
त्रासदियों की त्रासदी (डायरी, 24 जून, 2022)
आइंस्टीन अलहदा वैज्ञानिक रहे। कम से कम मेरे लिए तो वह अलहदा ही हैं। हालांकि उनके कुछ विचारों और सिद्धांतों से सहमत नहीं हूं...
आदिवासी समाज का राष्ट्रपति, ज़रूरत या सियासत
देश को पहली बार आदिवासी समाज से राष्ट्रपति मिलने जा रहा है, मीडिया में इसे भारतीय जनता पार्टी के एक महत्वपूर्ण कदम के रूप...
द्रौपदी मुर्मू आदिवासी नहीं, अब ब्राह्मण हैं (डायरी 23 जून, 2022)
यह महज संयोग नहीं है कि शिवसैनिकों ने महाराष्ट्र में अपने 'गणेश' उद्धव ठाकरे की सरकार को लगभग गिरा ही दिया है और एनडीए...
तानाशाही और इंसाफ (डायरी 17 जून, 2022)
संविधान और कानूनों की व्यवस्था किसी भी मुल्क के लिए सबसे अधिक जरूरी है। इसके जरिए न केवल आंतरिक सुरक्षा व सामाजिक सामंजस्य बनाए...
अतीत की मनमानी और खतरनाक व्याख्या
आरएसएस की 100 से अधिक अनुषांगिक संस्थाएं हैं और इस सूची में नित नए नाम जुड़ते जा रहे हैं। संघ की अनुषांगिक संस्थाओं में...
आरएसएस के कान कौन उमेठ सकता है? (डायरी 6 जून, 2022)
वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश आज के समय के लिहाज से महत्वपूर्ण पत्रकार हैं। वे सोशल मीडिया पर खासे लोकप्रिय हैं। उम्र के हिसाब से भी...
तस्वीरें झूठ नहीं बोलती हैं (डायरी 30 मई, 2022)
समय खुद को दुहराता है और सवाल भी करता है। आज इस डायरी के साथ यह तस्वीर भी सहेज रहा हूं। यह तस्वीर ठीक...
गुलामी के प्रतीकों की मुक्ति का आन्दोलन !
आज यदि कोई गौर से देखे तो पता चलेगा कि न्यायिक सेवा, शासन-प्रशासन,उद्योग-व्यापार, फिल्म-मीडिया,धर्म और ज्ञान क्षेत्र में भारत के सवर्णों जैसा दबदबा आज की तारीख में दुनिया में कहीं नहीं है। आज की तारीख में दुनिया के किसी भी देश में परम्परागत विशेषाधिकारयुक्त व सुविधाभोगी वर्ग का ऐसा दबदबा नहीं है।
जो धर्म परिवर्तन करते हैं उनसे पूछो इसकी वजह
भोपाल के एक स्कूल में कुछ लोग कथित तौर पर ईसाई धर्म स्वीकारते हुए पाए गए। पुलिस ने धर्म परिवर्तन करवाने के आरोप में...
मुल्क में जहर घोलता आरएसएस (डायरी 13 मई, 2022)
भाजपा अब सियासत करना जान गई है। यह इस वजह से भी संभव हुआ है क्योंकि वह 2014 से सत्ता में है। दरअसल, सियासत...
नीतीश कुमार की ‘पालिटिकल स्लेवरी’ (डायरी 3 मई, 2022)
कल मनाली के आगे गया। दरअसल, मैं और मेरी पत्नी की इच्छा रही कि हिमालय की उन चोटियों पर जाया जाय, जहां बर्फ अभी...
The Kashmir Files : रुकिए! भावनाओं में मत बहिए!
जब समाज में तार्किकता और सहिष्णुता का अभाव होने लगता है तब द कश्मीर फाइल्स जैसी फिल्में बनती भी हैं और कामयाब भी होती...
प्रियंका गांधी सभी पांच राज्यों के चुनाव में सक्रिय हैं?
इन दिनों कांग्रेस के अंदर कुछ तो है, जो अंदर ही अंदर चल रहा है, जिसकी भनक राजनीतिक गलियारों तक भी नहीं पहुंच रही...
प्रधानमंत्रियों के चुनावी भाषण पहले कैसे थे अब कैसे होते हैं
वैसे तो प्रधानमंत्री जी के संसद में दिए गए भाषण भी चुनावी भाषणों की भांति होते हैं और इनमें कटुता तथा व्यक्तिगत आक्षेपों की...

