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#nitishkumar

द्रौपदी मुर्मू आदिवासी नहीं, अब ब्राह्मण हैं (डायरी 23 जून, 2022) 

यह महज संयोग नहीं है कि शिवसैनिकों ने महाराष्ट्र में अपने 'गणेश' उद्धव ठाकरे की सरकार को लगभग गिरा ही दिया है और एनडीए की ओर से राष्ट्रपति…
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तानाशाही और इंसाफ (डायरी 17 जून, 2022) 

संविधान और कानूनों की व्यवस्था किसी भी मुल्क के लिए सबसे अधिक जरूरी है। इसके जरिए न केवल आंतरिक सुरक्षा व सामाजिक सामंजस्य बनाए रखने में…
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तस्वीरें झूठ नहीं बोलती हैं  (डायरी 30 मई, 2022)  

समय खुद को दुहराता है और सवाल भी करता है। आज इस डायरी के साथ यह तस्वीर भी सहेज रहा हूं। यह तस्वीर ठीक तीन साल पुरानी है। इस तस्वीर को दिल्ली…
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 गैर-सवर्णों के बीच एका (डायरी 28 मई, 2022)

एकता की परिभाषा क्या है और इसकी बुनियाद में कौन-कौन से तत्व शामिल होते हैं? कल यही सवाल दिनभर मेरे मन में चलता रहा। विश्वभर में हुए तमाम…
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सीता, द्रौपदी और जोधा बाई, डायरी (25 मई, 2022) 

सपने मेरे लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण हैं। बाजदफा ही ऐसा कोई सपना आता है, जिनके आने पर मैं खुद की कमियों का आकलन करने लगता हूं।…
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माननीय न्यायाधीश महोदय को डर (डायरी 14 मई, 2022) 

डर सभी को लगता है। यह एक ऐसी बात है, जिसके लिए किसी की आलोचना नहीं की जानी चाहिए। लेकिन इस पर विचार जरूर किया जाना चाहिए कि आदमी…
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आग, तेरे कितने रूप? (डायरी 12 मई, 2022)

इसे मैं इत्तेफाक नहीं मानता। कल तीन घटनाएं लगभग एक ही समय घटित हुईं। समय में उन्नीस-बीस का फर्क संभव है। लेकिन ये तीनों घटनाएं…
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कहीं आप किसी को गालियां तो नहीं दे रहे? (डायरी 10 मई, 2022)  

मेरी स्पष्ट मान्यता है कि न तो कोई ग्रंथ आसमानी होता है और ना ही गालियां। आज ग्रंथों की बात नहीं करना चाहता। गालियों के बारे में सोच रहा…
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नीतीश कुमार की ‘पालिटिकल स्लेवरी’ (डायरी 3 मई, 2022) 

कल मनाली के आगे गया। दरअसल, मैं और मेरी पत्नी की इच्छा रही कि हिमालय की उन चोटियों पर जाया जाय, जहां बर्फ अभी भी हैं। इसकी भी वजह रही। हुआ…
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जॉनसन और नरेंद्र (डायरी 23 अप्रैल, 2022) 

यह कहने की बात नहीं है कि एक दिन में केवल 24 घंटे होते हैं। यह सभी जानते हैं। लेकिन घटनाओं की संख्या के हिसाब से यदि मैं स्वयं का आकलन करूं…
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