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जातिवार जनगणना अनुत्तरित सवाल है- अली अनवर अंसारी
सामाजिक न्याय आंदोलन(बिहार) के बैनर तले आज भागलपुर के वृंदावन विवाह स्थल(लहेरी टोला) में सामाजिक न्याय पर बढ़ते हमले के खिलाफ जातिवार जनगणना की...
आने वाले दिनों में शरद पवार की राजनीति क्या होगी
2021 में सबसे चर्चित नेता के रूप में यदि नजर डालें तो, देश के वयोवृद्ध और कद्दावर नेता शरद पवार का नाम पहले नंबर...
लाभ, लाभार्थी और चुनावी रैलियां!
2022 में भले ही देश के पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं, मगर सबसे अधिक चर्चा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर...
लोगों पर शाकाहार थोपना एक राजनैतिक एजेंडा
आज राजनैतिक कारणों से इस सोच को बढ़ावा दिया जा रहा है कि मांसाहार करने वाले नफरत के पात्र हैं। हम बिना अतिश्योक्ति के खतरे के कह सकते हैं कि अल्पसंख्यक समुदाय को खलनायक सिद्ध करने के लिए शाकाहार का सामाजिक और राजनैतिक हथियार के रूप में प्रयोग किया जा रहा है।
दिल्ली और पश्चिम बंगाल की तरह उत्तर प्रदेश में भी कॉन्ग्रेस का खाता न खुले,क्या भाजपा इस अभियान में लगी है ?
निषाद समाज की रैली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, ने आवाहन किया था की उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अपना खाता भी नहीं...
एक नयी और दिलचस्प टकराहट (डायरी, 23 दिसंबर 2021)
मैं एक बात सोच रहा हूं देश के संसद के बारे में। मेरी जेहन में राष्ट्रीय गीत की बातें हैं। दरअसल कल संसद का...
अब मथुरा के राजनीतिक इस्तेमाल की बारी : कृष्ण जन्मभूमि मुददा
कुछ ही महीनों में उत्तरप्रदेश में चुनाव होने वाले हैं। जमीनी स्तर की स्थिति पर नजर रखने वाले अधिकांश राजनैतिक विश्लेषकों का मत है...
संविधान दिवस की गूंज और लोकतंत्र को कमजोर करने के सुनियोजित प्रयास
संविधान दिवस पर आयोजित भव्य कार्यक्रमों का आनंद लेते हुए हमें इस बात पर भी विचार करना चाहिए कि लोकतंत्र के स्वास्थ्य, मानवाधिकारों की...
ममता बनर्जी के बयानों पर हंगामा क्यों? (डायरी, 3 दिसंबर 2021)
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इन दिनों फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनका कांग्रेस के खिलाफ बयान देना है। अनेक राजनीतिक...
भाजपा ने ही परिवार आधारित पार्टियों को पोसा है
कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि परिवार आधारित राजनीतिक दल लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। मोदीजी के इस...
कृषि कानूनों का निरस्तीकरण
प्रधानमंत्री द्वारा संसद में पारित तीन कुख्यात कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा निश्चित रूप से किसान आंदोलन और पिछले एक साल से...
पूर्वांचल का एम्स कहे जाने वाले बीएचयू की ऐसी दुर्दशा क्यों?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने बीएचयू अस्पताल को एम्स जैसी व्यवस्था के लिए करोड़ों रुपये दिए लेकिन यहां के प्रशासनिक पदों पर बैठे ऊंची जातियों के भ्रष्ट अधिकारियों ने कमीशनखोरी के चक्कर में केवल भवनों का निर्माण और सुंदरीकरण कराया और अपने चहेतों को फायदा पहुंचाया।
हिंदुत्व के खात्मे के लिए भूमि सुधार अनिवार्य (डायरी 12 नवंबर, 2021)
मनुष्य होने की पहली शर्त यही है कि वह जड़ न रहे। जड़ता मनुष्य को पशुओं से भी अधिक हिंसक बना देती है। रही...
जाति जनगणना से किसको खतरा है?
राजनीतिक दल अब बहुजन समुदायों के बढ़ते दबाव की वास्तविकता के प्रति जाग रहे हैं। वे इस बात को लेकर सचेत हो चुके हैं...
सांप्रदायिक हिंसा पर हमारा मौन घातक
त्रिपुरा में भी साम्प्रदायिक हिंसा का जहर पहुंच ही गया। मुख्यधारा के मीडिया ने इस दुःखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम पर मौन बनाए रखा। प्रदेश...
मोदी सरकार सावरकर को ‘भारत-रत्न’ क्यों देना चाहती है?
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भारतीय जनता पार्टी और केंद्र की मोदी सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद अब भी देश में विनायक दामोदर सावरकर को...
जनता को क्या मिलेगा अयोध्या की रिकॉर्ड तोड़ दीपावली से
पर्व-त्योहार कभी आम आदमी के लिए खुशियों, उमंगों और सौहार्द के प्रतीक रहे होंगे। आज इनका रूप और मनाने का उद्देश्य समय एवं परिस्थितियों...
पीएस-4 ने पीएम मोदी के कार्यक्रम के विरोध में मनाया काला दिवस
25 अक्टूबर को वाराणसी प्रजापति शोषित समाज संघर्ष समिति (पीएस4) ने मेंहदीगंज में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा का विरोध करते हुए आज...
संघ की राजनीतिक पिच पर खेल रही कांग्रेस
किसान न्याय रैली में दिखा प्रियंका गांधी का हिंदुत्व प्रेम
'आज नवरात्रि का चौथा दिन है। मैं व्रत हूं तो मैं मां की स्तुति से...
क्या महिलाओं को राजनीति में चालीस फीसदी भागीदारी महज़ चुनावी जुमला है
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रियंका का कांग्रेस द्वारा महिलाओं को...

